देहरादून। उत्तराखंड शासन द्वारा जारी त्रिवर्षीय आबकारी नीति 2025-26, 2026-27 और 2027-28 के तहत प्रदेश में मदिरा दुकानों के आवंटन और नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन की अधिसूचना 05 मार्च 2025 के क्रम में आबकारी आयुक्त, उत्तराखंड द्वारा जारी विज्ञप्तियों के आधार पर वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
जारी बयान के अनुसार जनपद पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत कुल 50 विदेशी मदिरा दुकानों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें वर्ष 2026-27 के लिए 119 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2027-28 के लिए 124 करोड़ रुपये राजस्व के नवीनीकरण प्रस्ताव शामिल हैं। इस प्रकार दोनों वर्षों को मिलाकर कुल 243 करोड़ रुपये का संभावित राजस्व प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुआ है। हालांकि विभागीय जानकारी के अनुसार श्रीनगर, कोट और नैनीडांडा की विदेशी मदिरा दुकानों के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में इन दुकानों के आवंटन को लेकर आगे की कार्यवाही पर निर्णय लिया जाएगा। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की जांच कर नियमों के अनुरूप अंतिम आवंटन किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति का उद्देश्य पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि ई-टेंडरिंग और निर्धारित शर्तों के माध्यम से प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया गया है। आने वाले दिनों में शेष दुकानों के लिए भी पुनः आवेदन आमंत्रित किए जा सकते हैं, ताकि लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से प्रदेश को आगामी दो वित्तीय वर्षों में उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।


