देहरादून के आशा रोड़ी पर आयोजित शोक सभा में दिवंगत दिव्यांशु जाट राणा के परिवार और लोगों की आंखें नम हो गईं। बेटे की याद आते ही उनके पिता फूट‑फूट कर रोने लगे, वहीं आसपास खड़े लोगों ने उन्हें सांत्वना देने की कोशिश की। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी बड़ी संख्या में किसानों के साथ शोकसभा में शामिल हुए। उन्होंने दिव्यांशु हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की और कहा कि यह देवभूमि है, इसे बचाने की जरूरत है।
राकेश टिकैत ने उत्तराखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देहरादून में छात्रों के साथ बढ़ते अपराधों से वे गहरे दुखी और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिव्यांशु की छात्र गुट ने मिलकर हत्या कर दी, उससे युवाओं और उनके माता‑पिता में असुरक्षा का भाव बढ़ रहा है। शोक सभा के दौरान पुलिस बल भी भारी संख्या में तैनात रही, ताकि भावनात्मक माहौल में किसी भी तरह की अशांति न हो।
दिव्यांशु के परिजनों ने मामले में न्याय की पूरी सख्ती की मांग की और कहा कि उनका बेटा बस एक सामान्य छात्र था, जो अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर सपने देख रहा था, लेकिन अपराधी तत्वों ने उसकी जान ले ली। लोगों ने शोकसभा में जोर देकर कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए और युवाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

