रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को चार साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत एमबी इंटर कालेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित में पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक पटल पर अपना पक्ष मजबूती से रखने की स्थिति में है। उन्होंने इस बात पर अधिक जोर दिया कि इस तनाव का हल युद्ध से नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस राय से सहमति रखते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी स्वयं मानते हैं कि बातचीत और कूटनीति के जरिया ही सबसे बेहतर है। अपने इस कथन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनसभा में उपस्थित लोगों का समर्थन भी मांगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस करिश्माई तरीके से भारत का मस्तक ऊंचा किया है, वह काफी सराहनीय है। पहले भारत की बातों को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया जाता था लेकिन आज का भारत की बात को सारी दुनिया कान खोलकर सुनती है, यह राष्ट्रीय गौरव का विषय है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और संकट के बीच ऊर्जा और खाद्य संकट पैदा होने की संभावनाएं अधिक हैं। जहां पूरा विश्व मध्य-पूर्व तनाव की आग में झुलस रहा है ऐसे में भारत भी प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अब तक भारत इस संकट से परे इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सूझबूझ से देश को सुरक्षित रखा है लेकिन भविष्य में क्या होगा यह बताना असंभव है। रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं उत्तराखंड की धरती यह कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से वैश्विक संकट को दूर करने के लिए जो भी कोशिश की जा रही है, उत्तराखंडवासियों की ओर से भी उसका समर्थन किया जाना चाहिए।

