प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने उत्तराखंड आ रहे हैं, जिसकी सुरक्षा के लिए पूरे रूट को 13 जोन में बांटा गया है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए एक सख्त एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसमें तकनीक और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है। इसी बीच, शिक्षा विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नए सत्र के शुरू होते ही राज्य के 23 लाख बच्चों को रिकॉर्ड समय में मुफ्त किताबें वितरित कर दी हैं। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आम जनमानस और आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की सुरक्षा और तैयारी
प्रधानमंत्री के आगमन के लिए आशारोड़ी से गढ़ी कैंट तक के मार्ग को 13 जोन में विभाजित किया गया है, जहाँ जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। मुख्य कार्यक्रम गढ़ी कैंट के महिंद्रा ग्राउंड में होगा। सुरक्षा के साथ-साथ दून अस्पताल में एक ‘सेफ हाउस’ भी तैयार किया गया है और वीआईपी वार्ड व आईसीयू में बेड आरक्षित रखे गए हैं। स्वागत के लिए पूरे रास्ते में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
ग्रीन और क्लीन चारधाम का संकल्प
सरकार इस बार चारधाम यात्रा को पूरी तरह ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने पर काम कर रही है। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यात्रा को लेकर भ्रामक खबरें या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी।

