उत्तराखंड की सियासत में आज हल्द्वानी से एक बड़ा राजनीतिक संदेश निकलकर सामने आया,,जब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सिर्फ “धाकड़” ही नहीं, बल्कि “धुरंधर धामी” तक कह दिया। हल्द्वानी पहुंचते ही जिस तरह मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंडी परंपरा के साथ रक्षा मंत्री का स्वागत किया, टोपी पहनाई, गुलदस्ता भेंट किया। ये सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि मजबूत राजनीतिक तालमेल की झलक थी।
हेलीपैड से लेकर मंच तक, दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज साफ बता रही थी कि यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सियासी विश्वास का सार्वजनिक प्रदर्शन है। उत्तराखंड में धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी साफ संकेत दे रही है कि केंद्र में भी धामी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “2022 में जब धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में स्पष्ट बहुमत मिला था, तब मैंने उन्हें ‘धाकड़ धामी’ कहा था, लेकिन अब चार साल पूरे होने पर वह ‘धुरंधर धामी’ बन चुके हैं।” यही नहीं रक्षा मंत्री ने क्रिकेट की भाषा में बड़ा संकेत देते हुए कहा कि चार साल में चौका लग चुका है, अब छठे साल में छक्का भी तय है। मतलब एकदम साफ है कि केंद्र से लेकर राज्य तक धामी पर भरोसा लगातार और मजबूत हो रहा है।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंच से अपने चार साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, जिसमें प्रति व्यक्ति आय में 41% की बढ़ोतरी, राज्य का बजट लगातार मजबूत, खनन तत्परता सूचकांक में देश में दूसरा स्थान, 200 करोड़ रुपये का केंद्रीय पुरस्कार और 30,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी जैसे बिंदु शामिल रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नकल माफिया पर सख्त कानून लाकर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया और युवाओं के सपनों को टूटने से बचाया गया। मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब प्रदेश में कानून का डर है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि आज योजनाओं का पैसा सीधे जनता के खाते में पहुंच रहा है, लीकेज खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री धामी ने इसे “न्यू इंडिया” की पहचान करार दिया।
बहराहल, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर पर्यटन तक, सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के वर्कफ्लों में तेजी जैसे बिंदुओं से धामी सरकार उत्तराखंड को विकास के नए ट्रैक पर ले जाने का दावा कर रही है। इस पूरे कार्यक्रम से जो सबसे बड़ा संदेश निकलकर सामने आया है वह पानी की तरह साफ है कि मुख्यमंत्री धामी अब सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं बल्कि केंद्र की नजर में एक भरोसेमंद, मजबूत और भविष्य के बड़े नेता के तौर पर उभर रहे हैं। वहीं जब देश का रक्षा मंत्री मंच से “धुरंधर धामी” कहे तो ये सिर्फ तारीफ नहीं बल्कि उत्तराखंड के सियासी गलियारों से आया सीधा संकेत है कि धामी अब अगली सियासी पारी के सबसे बड़े दावेदार बन चुके हैं।

