उत्तराखंड में हर 12 सालों में आयोजित होने वाली नंदा राजजात यात्रा को लेकर इन दिनों प्रदेश के सियासी गलियारों से लेकर सामाजिक छोरों तक घमासान मचा हुआ है। चूंकि नंदा राजजात यात्रा विश्व की सबसे बड़ी और लंबी यात्रा है लिहाजा इसके आयोजन की तैयारियां भी कई माह पूर्व से ही करनी पड़ती हैं। मगर वर्ष 2026 के अगस्त-सितंबर माह में प्रस्तावित नंदाराज यात्रा को पूर्व तैयारियों में कमी के चलते स्थगित कर दिया गया है और आगामी बसंत पंचमी के दिन नंदा राजजात यात्रा की नई तिथियों की घोषणा की जाएगी।
राजजात यात्रा स्थगित, मचा सियासी घमासान
वहीं सत्ताधारी भाजपा सरकार के इस फैसले के बाद से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार पर तीखा हमला बोल रहा है। इस कड़ी में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि नंदा राजजात यात्रा जैसी ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा को स्थगित करना दुर्भाग्यपूर्ण है,चारधाम यात्रा और नंदा राजजात यात्रा जैसी धार्मिक यात्राओं की तिथि पंचांग के अनुसार निर्धारित की जाती है। उपाध्यक्ष धस्माना ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो भाजपा दिन रात सनातन का जाप करती रहती वो नंदा राजजात यात्रा को स्थगित कर दे तो इससे शर्मनाक और कुछ नहीं,,, उन्होंने सरकार से प्रश्न करते हुए कहा कि यदि आगामी 2027 अर्द्ध कुंभ की तैयारियों में भी कमी आई तो क्या सरकार उसे भी स्थगित कर देगी?
वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को सब्र रखना चाहिए क्योंकि बसंत पंचमी के दिन नंदा राजजात यात्रा की तिथियां घोषित हो जाएंगी लेकिन कांग्रेस पार्टी के पास राजनीति करने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा तो अब वो धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है।


