केंद्रीय भाजपा सरकार ने हाल ही में मनरेगा का नाम परिवर्तित करते हुए VB-GRAMG रख दिया है, वहीं मनरेगा के नाम परिवर्तिन किए जाने के बाद से ही राष्ट्रीय विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा का घेराव और सत्तादल के इस फैसले का विरोध करना शुरु कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड में भी कांग्रेस पार्टी सदस्यीय समिति का गठन कर जनता के बीच उतरी है, जहां कांग्रेस “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत मनरेगा में हुए बदलाव को लेकर भाजपा पर लगातार हल्ला बोलती नजर आ रही है। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने मनरेगा का नाम परिवर्तन कर न केवल बापू महात्मा गांधी के सम्मान को ठेस पहुंचाई है बल्कि ग्रामीण अधिकारों का भी हनन किया गया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले की तुलना गरीब तबके के अधिकरों पर डाका डालने से की है।
नाम नहीं, काम मायने रखता है-विनोद चमोली
वहीं उत्तराखंड की सत्ताधारी भाजपा की ओर से कांग्रेस के उक्त अभियान पर तीखा पलटवार सामने आया। भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा कि मनरेगा में सुधार कर उसे जनता के समक्ष VB-GRAMG के नाम से उतारा गया है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में मात्र 100 दिनों के रोजगार की ही गारंटी हुआ करती थी, लेकिन वहीं VB-GRAMG के अंतर्गत अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर गया है। वहीं मनरेगा के चलते रोजगार की गारंटी भी सुनिश्चित नहीं होती थी लेकिन अब VB-GRAMG के तहत रोजगार को गारंटी तक सिमित न रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रो के विकास के लिए भी अपनाया है।
विधायक चमोली ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसते हुए कहा की -कांग्रेस पार्टी मनरेगा के विषयो को लेकर अब जनता के बीच पहुंच रही है लेकिन भाजपा पहले ही ”VB-GRAMG” योजना को जनता के बीच लेकर जा चुकी है और जनता का पूरा समर्थन भी भाजपा और ”वीबी रामजी” योजना को मिल रहा है, साथ ही उन्होंने कहा की योजना का नाम मायने नहीं रखता है बल्कि उसके आधार पर काम मायने रखा जाता है, निश्चित ही 2047 के विकसित भारत के संकल्प के लिए भी ”वीबी रामजी” योजना मील का पत्थर साबित होगी।


