मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश व डोईवाला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। डोईवाला के कुडकावाला क्रेशर प्वाइंट के पास विकास उनियाल तौसिप द्वारा 15-20 बीघा जमीन पर चल रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। टीम ने प्लॉट्स तोड़कर साफ कर दिया और भविष्य में ऐसी हरकत न करने की चेतावनी दी। इस अभियान में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली व दीपक नौटियाल की टीम ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
इधर, ऋषिकेश के बनखंडी लेन नंबर 05, पुराना बस स्टैंड के पास उर्मिला देवी का बिना नक्शा स्वीकृति के बनाया जा रहा निर्माण सील हो गया। प्राधिकरण ने तुरंत प्रभाव से साइट लॉक कर दी, जिसमें सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी व पुलिस बल मौजूद रहा। एमडीडीए ने साफ कहा कि बिना अनुमति कोई निर्माण या प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं होगी। दोषियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। आम लोगों से अपील है कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृति जरूर लें। अवैध प्लॉटिंग में फंसने से पैसा व भविष्य दोनों बर्बाद हो सकता है। यह कार्रवाई देहरादून-मसूरी क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर को व्यवस्थित विकास देना है, ताकि जलभराव, ट्रैफिक व पर्यावरणीय खतरे न बढ़ें। जनता को सलाह दी जाती है कि केवल अधिकृत प्रोजेक्ट्स में ही निवेश करें। एमडीडीए का यह अभियान भू-माफिया व बिल्डरों में खलबली मचा रहा है।

अवैध निर्माण पर MDDA की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी-बंशीधर तिवारी
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ लफ्जों में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित करना MDDA की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अक्सर देखा जाता है कि बिना नक्शा स्वीकृति के प्लॉटिंग करके आम लोगों को लालच दिया जाता है, जिससे बाद में निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान और कानूनी पचड़े झेलने पड़ते हैं। तिवारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि फील्ड में नियमित निरीक्षण करें और अवैध गतिविधियों पर नजर रखें। प्राधिकरण न सिर्फ निर्माण ध्वस्त करेगा, बल्कि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि कोई भी संपत्ति खरीदने से पहले MDDA से वैधता की पूरी जांच कर लें, ताकि भविष्य सुरक्षित रहे।
MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे अभियान पर बात की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश व डोईवाला में हाल की कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्राधिकरण की टीमें हर दिन साइट चेक कर रही हैं और जहां भी गड़बड़ी मिली, तुरंत सीलिंग या तोड़फोड़ हो रही है। बर्निया ने सलाह दी कि भवन बनवाने से पहले मानचित्र स्वीकृति लेना हर किसी के लिए जरूरी है। बिना अनुमति निर्माण शुरू करने वाले खुद अपनी मुसीबत मोल ले रहे हैं। यह अभियान शहर को अवैध कब्जों से मुक्त करने और पर्यावरण व ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के मकसद से चलाया जा रहा है। MDDA का यह सख्त रवैया भू-माफिया व बिल्डरों में दहशत पैदा कर रहा है। लोग अब सतर्क हो रहे हैं और केवल वैध प्रोजेक्ट्स पर भरोसा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।



