उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर रहे, जहां उन्होंने हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की और बड़ी जनसभा व रोड शो में भाग लिया। अपने संबोधन में धामी ने सनातन मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सनातनी हिंदू कभी नहीं डरता और वह सदैव सत्य व राष्ट्र के लिए खड़ा रहता है, जिस पर जनता ने जोरदार उत्साह दिखाया। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने, युवाओं को कर्मवीर के बजाय भत्तावीर बनाने और राज्य को कर्ज के बोझ तले दबा देने का आरोप लगाया। धामी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है, मातृशक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है और कर्मचारियों को डीए व महंगाई भत्ता जैसे अधिकार भी समय पर नहीं मिल रहे हैं।
‘धामी मॉडल’ बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पश्चिम बंगाल की परिवर्तन यात्रा के दौरान शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि हजारों स्कूल बंद होने से आने वाली पीढ़ी का भविष्य कमजोर हो रहा है। उन्होंने सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ और इस गंभीर मुद्दे पर राज्य सरकार की चुप्पी को भी चिंताजनक बताया। मुख्यमंत्री धामी ने जनसभा में आश्वस्त किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही अराजक व्यवस्था समाप्त कर सुशासन, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम सर्वोच्च सिद्धांत है और इसी विचार के साथ पार्टी देश व समाज की सेवा कर रही है। धामी अपने धाकड़ और निर्णायक फैसलों, जैसे उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC), धर्मांतरण विरोधी सख्त कानून, अवैध मदरसों पर कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने जैसे कदमों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बना चुके हैं। उनके अनुसार, यही वजह है कि उत्तराखंड से बाहर भी लोग उन्हें सुनना चाहते हैं और उनके नेतृत्व को मजबूत व निर्णायक शासन का प्रतीक मानते हैं।

