देहरादून में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, पेडियाट्रिक कफ सिरप्स पर कस गया शिकंजा

ख़बर शेयर करें

देहरादून, 7 अक्टूबर 2025 — स्वास्थ्य सचिव एवं अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त आदेशों तथा उप औषधि नियंत्रक के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को औषधि विभाग की टीम ने देहरादून क्षेत्र में स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों और शिशु रोग (Paediatric) अस्पतालों के अंतर्गत संचालित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान विभागीय टीम ने कई जगहों पर Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate एवं Phenylephrine Hydrochloride युक्त पेडियाट्रिक कफ सिरप्स का भंडारण पाया। चूंकि इन औषधियों को बच्चों के लिए असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद इनके विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसलिए औषधि विभाग ने नियमानुसार तत्काल इन दवाओं को सीज़ (जब्त) करने की कार्रवाई की।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड BJP दायित्वधारियों की 5वीं सूची जल्द जारी, विधायकों की खुलेगी लॉटरी

विभाग द्वारा मौके पर कुल छह पेडियाट्रिक कफ सिरप्स के नमूने फॉर्म-17 में परीक्षण हेतु संकलित किए गए, जिन्हें राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। यह कदम इस बात की पुष्टि के लिए उठाया गया है कि कहीं बाजार में प्रतिबंधित या मानक से कम गुणवत्ता वाली दवाइयों की बिक्री तो नहीं हो रही।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में मनरेगा बनाम VB-GRAMG, पक्ष-विपक्ष के बीच तीखे तंज की गहमा-गहमी

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर Coldrif, Respifresh TR और Relife ब्रांड के कफ सिरप उपलब्ध नहीं थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इन दवाओं की बिक्री पर पहले से ही रोक का पालन अधिकांश दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है।

औषधि विभाग की इस कार्रवाई में उप औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी, सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर सिंह, औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी और विनोद जगुडी शामिल रहे। टीम ने निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया कि वे किसी भी स्थिति में बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप्स का भंडारण या विक्रय न करें।

यह भी पढ़ें -  इस दिन खोले जाएंगे श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट…जानिए कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की औचक जांच आगे भी जारी रहेगी ताकि बच्चों की सेहत के साथ किसी प्रकार का जोखिम न उठाया जा सके और बाजार में केवल सुरक्षित, मानक गुणवत्ता वाली औषधियाँ ही उपलब्ध रहें।