उत्तराखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में जनऔषधि केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने सदन में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही 287 नए चिकित्सक और 104 नई एम्बुलेंस मिलने वाली हैं। इसके साथ ही सरकार डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति (Retirement) की उम्र को भी बढ़ा चुकी है।
जनऔषधि केंद्रों की स्थापना और आवेदन
प्रदेश के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए सभी प्राथमिक और सामुदायिक केंद्रों में जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा आवेदन मांगे गए हैं। इस कदम से आम जनता को महंगे इलाज और महंगी दवाओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सकों की भर्ती और रिटायरमेंट की उम्र में बदलाव
राज्य में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए विभाग में चयन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सरकार ने डॉक्टरों की कमी से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। इससे अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं राज्य को लंबे समय तक मिल सकेंगी।
एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार
वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास 272 एम्बुलेंस का बेड़ा है, जिसमें अब 104 नई एम्बुलेंस और जोड़ी जा रही हैं। इससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुँचाने की सुविधा और अधिक बेहतर हो जाएगी।
हल्द्वानी में खुलेगी नई कैथ लैब
संसदीय कार्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हल्द्वानी में जल्द ही एक कैथ लैब (Cath Lab) स्थापित की जाएगी। इसका काम अगले तीन महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे कुमाऊं क्षेत्र के हृदय रोगियों को बेहतर इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।

