कही एचएम की साख पर ना लग जाए बट्टा.. श्रीनगर में कैथ लेब लगाने को आमादा सिस्टम… डॉक्टर और स्थाई स्टाफ की नियुक्ति करने में हो रही हीलाहवाली..

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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैसे कैथ लैब स्थापित हो इस बात को लेकर तमाम हथकंडे अपनाये जा रहे हैं आलम यह कैथ लेब को संचालित करने के नियमित डॉक्टर और जरूरी स्टाफ की नियुक्ति करने के बजाए पहले कैथ लेब कैसे स्थापित हो इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पहले दून अस्पताल में अस्थाई चिकित्सक के दम पर 6 करोड़ से ज्यादा की कैथ लेब स्थापित कर दी गई और अब श्रीनगर में भी उक्त चिकित्सक के द्वारा पहले और तीसरे रविवार को कैंप के जरिए मरीजों देखे जाने का समय निर्धारित किया गया है।जिससे मरीजों को उपचार मिल सके। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज सूबे के स्वास्थ्य मंत्री की विधानसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है जहां पर तमाम सुख सुविधाएं जुटाई जा रही है लेकिन सिस्टम को उनकी विधानसभा में कैथ लेब स्थापित करने से पहले वहां नियमित डॉक्टर भेजने की भी जरूरत है जिससे करोड़ों की मशीन स्थापित होने के बाद धूल ना फांके।। अधिकारियों को पहले इस बात पर भी गौर करने की जरूरत है मशीन लगने के बाद यदि वहां डॉक्टर ही नही पहुंचे तो विभागीय मंत्री और क्षेत्रीय विधायक की साख पर भी बट्टा लग सकता है। दरअसल स्वास्थ्य मंत्री रहते सुरेंद्र सिंह नेगी के द्वारा भी तमाम उपकरण कोटद्वार विधानसभा में स्थापित कराए गए थे उन्हे शुरू करने में भी उन्हे खासी मशक्त्त करनी पड़ी थी ऐसे में वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री के साथ भी ऐसी स्थिति पैदा ना इस पर आलाधिकारियों को खासा ध्यान देने की जरूरत है। हालाकि श्रीनगर में लगने वाली कैथ लेब को लेकर सीएम कार्यालय से लेकर एचएम कार्यालय और शासन के अधिकारियों को भी शिकायत भेजी गई है जिस पर बड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

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