आपने एक चुटकुला सुना होगा अगर आपके सामने गुलदार आ जाए तो आप क्या करोगे. सामने से जवाब मिलता है हम क्या करेंगे, जो करेगा गुलदार ही करेगा लेकिन एक वफादार कुत्ते ने गुलदार को वो नहीं करने दिया जिसके खातिर गुलदार घर में घुसा था।
कुत्ते ने गुलदार के मंसूबों पर पानी फेर दिया। कुत्ते ने तेंदुए को अपनी चाल और आवाज में ऐसा भरमाया कि तेंदुआ कुत्ते में ही उलझकर रह गया और गौशाला में बंधे मवेशी सुरक्षित रह गए। तय है कि कुत्ता अगर डर जाता तो मवेशियों का जान पर बन आती। जी हां ये वाकिया है हरिदवार जिले का जहां पिरान कलियर का। जहां धनौरा गांव में देर रात एक गुलदार अपनी जंगल की सरहद को लांघ कर इंसानी बस्ती में बेधड़क दाखिल हो गया और एक घर मे घुस गया।
घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से जो फुटेज मिले हैं उससे साफ साबित हो रहा है कि अगर घर का कुत्ता गुलदार को डिस्टर्ब न करता तो गुलदार घर के मालिक को बड़ा नुकसान दे सकता था। दरअसल गुलदार की चाल बता रही है कि वो गोशाला में घुसकर बंधे मवेशियों को अपना शिकार बनाना चाहता था लेकिन कुत्ते ने उसके मंसूबे नाकायाब कर दिए।
बहरहाल गुलदार के घर में घुसने की खबर से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। गांव के लोग गुलदार की इस चहलकदमी से न केवल डरे सहमे हैं बल्कि परेशान हो गए हैं सबको जान माल का खतरा सताने लगा है। उधर प्रशासन है कि अवाम को सिर्फ सतर्क रहने की सलाह दे कर ही काम चला रहा है।
बहरहाल सवाल उठता है कि आखिर जंगली जानवर बेखौंफ होकर रिहायशी इलाकों में चहलकदमी क्यों कर रहे हैं। क्या जंगल के भीतर उनको निवाला नहीं मिल रहा है.अगर ऐसा है, तो जंगल के ईकोसिस्टम की कौन सी कड़ी कमजोर हो रही है। जिसकी कमी के चलते जंगली जनवर अपनी सरहद को लांघने को मजबूर हो रहे हैं।

