पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और विमान ईंधन (ATF) के दामों में बड़ी वृद्धि की गई है। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 195.5 रुपये बढ़ गई है, जिससे अब इसकी नई कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किग्रा) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट फिलहाल स्थिर बना हुआ है। इसके साथ ही सरकार ने विमानन कंपनियों पर भी बोझ कम करने के प्रयास किए हैं, ताकि हवाई किराए में अचानक बड़ी बढ़ोतरी न हो।
कमर्शियल सिलेंडर और ईंधन के दाम बढ़े
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुँचने के कारण कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है। एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल और 100 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल के दाम क्रमशः 1.50 रुपये और 11 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए गए हैं, जबकि सामान्य पेट्रोल-डीजल की दरें स्थिर हैं।
हवाई यात्रा पर महंगाई का साया
विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में 8.5% की वृद्धि हुई है, जिससे इसकी कीमत पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर को पार कर गई है। सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए ATF पर 50 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क भी लगाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि वे इस बोझ को चरणों में लागू कर रहे हैं ताकि यात्रियों को टिकट की कीमतों में होने वाली तेज वृद्धि से बचाया जा सके।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत और वैश्विक तुलना
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक संकट का असर देश के आम नागरिकों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, भारत में रसोई गैस की कीमतें पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान (1,242 रुपये), श्रीलंका और नेपाल (1,208 रुपये) की तुलना में काफी कम हैं। घरेलू गैस सिलेंडर अभी भी दिल्ली में 913 रुपये के पुराने भाव पर ही उपलब्ध रहेगा।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त नजर
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट की बैठक में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे और आम जनता को किसी भी प्रकार की कृत्रिम किल्लत का सामना न करना पड़े।

