दिल्ली में सोनिया गांधी इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल हैं तो राहुल गांधी केरल से लेकर असम और बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं ताकि कांग्रेस मजबूत हो सके । लेकिन इधर उत्तराखंड में कांग्रेस के भीतर लट्ठम लट्ठ हो रखी है। रामनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को पार्टी में शामिल कराने को लेकर शुरू हुई कांग्रेसी महाभारत, अब थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत पखवाड़े भर की छुट्टी लेकर कैकई जैसे किरदार में दिखाई दे रहे हैं। हरदा का कोपभवन में जाना, न साथियों को रास आ रहा है न विरोधियों को जंच रहा है। ऊपर से कोढ़ में खाज वाली बात चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत का बयान हो गया है। पार्टी दो धड़ों में बटी दिख रही है।
ऐसे में हरदा की छुट्टी से, कांग्रेस हाईकमान हलकान है। हरीश रावत के करीबी ग्रुप बनाकर पार्टी से इस्तीफा देने जैसी बात सोशल मीडिया के जरिए कर रहे हैं। उधर कांग्रेस में रावत,रावत और रावत के निशाने पर आ रखें हैं। हरक खार खाए जैसे दिख रहे हैं तो कभी हरीश रावत के खास माने जाने वाले रणजीत रावत ने भी अब छत्तीस की पोजीशन बना ली है। हरीश रावत की छुट्टी के बड़े माएने निकालते हुए रणजीत कह रहे हैं कि, संजय सिर्फ बहना है, हकीकत है कि आनन्द को टिकट दिलाना है। आनन्द यानि हरीश रावत के बेटे।
बहरहाल उत्तराखंड में कांग्रेस, पार्टी कम, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ का अखाड़ा ज्यादा नजर आ रही है। जिससे प्रदेश नेतृत्व की फजीहत हो रही है। कहां तो एकता की बात हो रही थी और कहां अब आलम ये है कि जो चौबे जी छब्बे जी बनने चले थे दूबे जी बनने जैसी कगार पर आ गए हैं। बात निकली है तो दूर तक जानी ही थी.. लिहाजा मामले की नजाकत को भांपते हुए सोनिया किचन कैबिनेट की खास मेम्बर और कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शैलजा उत्तराखंड दौरे पर आने वाली हैं उनका कार्यक्रम फिक्स हो चुका है। हालांकि प्रदेश के आला नेता उनके इस दौरे को, डेमेज कंट्रोल पर मरहम लगाने वाला नहीं मान रहे लेकिन कांग्रेस को करीब से जानने वाले जानते हैं कि, हरदा की छुट्टी ने कांग्रेस के भीतर तूफान नहीं बल्कि सुनामी ला दी है।
अब देखना ये है कि प्रदेश प्रभारी शैलजा इस सुनामी को कैसे काबू करती है। हरीश की छुट्टी को तरजीह देती है या हरक और रणजीत के बयान को, या फिर कोई बड़ा बदलाव करती है। होगा क्या, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जब जहाज के भीतर कैप्टन ही लड़ रहे हों तो चुनाव के समुद्र में कांग्रेस का बेड़ा पार कैसे होगा। कहीं चुनावी घड़ी में हरदा की छुट्टी भाजपा के लिए वॉकओवर तो नही..क्योंकि सोशल मीडिया पर एक यूजर्स ने लिखा है ये छुट्टी कही पार्टी को ही रिटायर न कर दे।

