गैरसैंण से धामी सरकार का 1.11 लाख करोड़ का बजट: GYAN मॉडल पर विकास का रोडमैप, गरीब-युवा-किसान-महिलाओं पर खास फोकस

ख़बर शेयर करें



उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट राज्य के विकास के लिए एक व्यापक दृष्टि लेकर आया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने विधानसभा में 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए कहा कि यह “जन-जन का बजट” है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की देवतुल्य जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसके माध्यम से राज्य के समग्र विकास को नई गति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और Narendra Modi के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका प्रभाव अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इस बजट के माध्यम से विकास योजनाओं का दायरा और अधिक विस्तारित करने का प्रयास किया है, ताकि उत्तराखंड भी विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
GYAN मॉडल से विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “GYAN मॉडल” के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रही है। इस मॉडल में चार प्रमुख स्तंभ शामिल हैं—गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी। सरकार का मानना है कि यदि इन चार वर्गों को सशक्त बनाया जाए तो राज्य का समग्र विकास संभव है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से बजट में सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
गरीब कल्याण को बजट में प्राथमिकता
इस बजट में गरीब वर्ग के कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त किए बिना समावेशी विकास संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298.35 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 56.12 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवास निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा देने के लिए 42 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं निर्धन परिवारों को रसोई गैस पर अनुदान देने के लिए 43.03 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य पेंशन योजनाओं के लिए 167.05 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवा उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।
इसके अलावा पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता देने के लिए 155.38 करोड़ रुपये और शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए भी 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
किसानों की आय बढ़ाने की पहल
राज्य के अन्नदाताओं को मजबूत बनाने के लिए बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मिशन एप्पल योजना के लिए 42 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बागवानी को बढ़ावा मिलेगा। दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 42.50 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 160.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मिलेट मिशन योजना के लिए 12 करोड़ रुपये तथा किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को भी इस बजट में प्रमुखता दी गई है। नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना, महिला पोषण योजना, आंचल अमृत योजना और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। सरकार का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से समाज और अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होंगे।
आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास की रोशनी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और राज्य का हर नागरिक विकास यात्रा का सहभागी बने।
उन्होंने यह भी कहा कि GYAN मॉडल के माध्यम से गरीबों का उत्थान, युवाओं को रोजगार, किसानों की समृद्धि और महिलाओं का सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
गैरसैंण से प्रस्तुत यह बजट राज्य के विकास की नई दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बजट में घोषित योजनाएं किस तरह धरातल पर उतरती हैं और आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के विकास को किस गति से आगे बढ़ाती हैं।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  गैरसैंण बजट सत्र: भराड़ीसैंण को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना, पर्यटन मंत्री का विधानसभा अध्यक्ष को पत्र
Ad