एक घंटे उपवास के बाद भाजपा सरकार पर बरसे उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत

ख़बर शेयर करें

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने बुधवार को एक घंटे का उपवास रखा। उन्होंने केंद्र-प्रदेश सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आमजन को भ्रमित कर रही है। जाखन स्थित अपने आवास पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कोरोनाकाल में सचिवालय बंद रखा ठीक था, लेकिन अब तो सबकुछ खोल दिया गया है। ऐसे में सचिवालय बंद करना अनुचित है। सचिवालय में बाहर के लोग आते हैं। लोग विकास के काम, समस्या लेकर आते हैं। उन्हें प्रवेश नहीं मिल रहा है। अधिकारी सावधानी बरतें, लेकिन आमजन को सचिवालय जाने से रोक नहीं सकते हैं। लोकतांत्रिक अधिकार को लंबे समय तक नहीं रोका जा सकता है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड के PHC और CHC में खुलेंगे जनऔषधि केंद्र, स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगे 287 नए डॉक्टर-104 एम्बुलेंस

कर्मकार बोर्ड के सवाल पर उन्होंने कहा कि जीरो टालरेंस सरकार की यह परीक्षा है। कुछ चीजें मुखर होकर बोल रही हैं। तथ्य बोल रहे हैं। सरकार एक परीक्षा में पहले ही फेल हुई। सीबीआइ जांच से घबरा गई। दूसरे लोकआयुक्त मामले में फेल हुई। उन्होंने कहा कि कर्मकार बोर्ड में हमने पहले काम किया। युवाओं के लिए मेले भी लगाए। मैं 180 करोड़ रुपये की पूंजी छोड़कर गया था, ताकि जनता के लिए कुछ काम हों।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: आवास सचिव का व्यवस्था निरीक्षण, दिए कार्य में तेजी के आदेश

किसानों के आंदोलन पर हरीश रावत ने कहा कि जो किसान आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें ये एंटीनेशनल कह रहे हैं। एंटीनेशनल की मुहर कांग्रेस पर भी लगा दो। सारी मुहर भाजपा के हाथ में है। किसान की आशंका सही है। बिहार में 2006 में मंडी खत्म की। यदि मंडी व्यवस्था बेकार है तो बिहार के किसान को क्यों नहीं फायदा मिला। बिहार का किसान और ज्यादा गरीब हुआ। किसान का उपहास उड़ाना घोर अपमान है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड विधानसभा सत्र के ऐतिहासिक 41 घंटे: विधानभवन में गरजे CM धामी, कांग्रेस पर तीखा प्रहार