देहरादून। शिक्षा निदेशक के साथ कथित मारपीट के मामले में भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस पूरे प्रकरण पर कर्मचारी–अधिकारी संगठन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी कार्यालय में जाकर अराजकता फैलाना तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट करना अत्यंत अशोभनीय है। महासंघ का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से सरकारी तंत्र में कार्यरत कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। खासतौर पर जब ऐसी घटना किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में घटित हो, तो यह और भी गंभीर विषय बन जाता है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस प्रकार की घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि मारपीट और बदसलूकी में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार से अपेक्षा की कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए जाएं। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकारी महकमे में रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है। अब निगाहें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


