उत्तराखंड में अवैध शराब की तस्करी, बिक्री-खरीद, परिवहन और भंडारण कमर तोड़ने के खिलाफ उत्तराखंड आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इस क्रम में आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ष 2026 से संपूर्ण
उत्तराखंड में अवैध शराब तस्करी पर नकेल कसी जाएगी और शराब तस्करी और कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। चूंकि उत्तराखंड की सीमाएं अन्य राज्यों से जुड़ी हैं लिहाजा प्रदेश के मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जिलों में अवैध शराब की तस्करी का खेल सर्वाधिक होता है, यही कारण है कि अब आबकारी विभाग सबसे पहले इन जिलों से ही अवैध शराब तस्करी पर सख्त प्रहार शुरु करेगा।
अवैध शराब सिंडिकेट पर होगी सीधी कार्रवाई
वहीं इस संदंर्भ में आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि देवभूमि में अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए अब विभाग मात्र चेकपोस्ट पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि अब विभाग आधुनिक तकनीक और अपडेटेड डिवाइसेस का प्रयोग करते हुए अवैध शराब तस्करी की कमर तोड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मोबाइल टीमों को मजबूत किया जाएगा, साथ ही उन्हें आधुनकि वाहनों व संसाधनों से लैस किया जाएगा। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि अब विभाग छोटी कार्रवाई नहीं बल्कि सीधा पूरे तस्करी नेटवर्क और सिंडिकेट को ही ध्वस्त करने की रणनीति पर काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आबकारी विभाग के कर्मियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विभागीय कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय हानि न उठानी पड़े।


