उत्तराखंड में धामी मैजिक: 363 शिविर, 2.8 लाख लाभार्थी, धामी सरकार का सुशासन मॉडल

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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम ने प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा लिखी है, इस कार्यक्रम के तहत शिविर का ओयोजन किया जाता है जिसमें सरकारी अमला स्वयं जनता के बीच मौजूद रहता है और त्वरित समस्या निस्तारण इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उत्तराखंड में अब तक ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश की जनता को न्याय और सुशासन का पारदर्शी स्वरुप देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित हो रहे इन शिविरों के माध्यम से लाखों नागरिकों की समस्या का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे जनता के बीच प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता और भी मजबूत हुई है।

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सरकार ने 2.80 लाख लोगों तक बनाई पहुंच


उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 363 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं तो वहीं इन शिविरों में कुल 2,80,030 नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस कड़ी में प्रशासन द्वारा अब तक 29,086 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है तो वहीं 19,491 शिकायतें पंजीकृत करी गई हैं। सरकार द्वारा आयोजित इन शिविर के माध्यम से अब तक 1,58,239 लोगों विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं, तो वहीं 39,689 प्रमाण पत्र भी जारी किए हैं।
बहरहाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कही है कि इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य सुशासन को जनता के द्वार तक ले जाना और जनता को त्वरित समस्या निस्तारण से फलिभूत करना है।

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