उत्तराखंड का आगामी बजट पिछले साल के मुकाबले तकरीबन दस फीसद अधिक होगा.. वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 1.11 लाख करोड़ का होगा.इसका फैसला आज हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में कैबिनेट से सत्ताईस प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लगाई. हालांकि बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए बजट में संशोधन कर सकते हैं.इस पर भी कैबिनेट में सहमति बनी है. बहरहाल बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यूआईआईडीबी के ढांचे को बढाने पर मुहर लगी है. तय है कि आने वाले वक्त में यूआईआईडीबी में 14 नए पद भी देखने को मिलेंगे. वहीं वन विभाग की सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई है।
इसके अलावा शहरी विकास विभाग को भी सौगात दी गई है जिसके तहत प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित किए जाएंगे, हालांकि शुरूआत में इन पदो पर संविदा के आधार पर तैनाती होगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को स्वीकृति मिली है।वहीं कृषि और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को भी मंजूरी दे दी है।”कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट के ये फैसले विकास, शिक्षा, पर्यावरण, कृषि और रोजगार को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं। आने वाला बजट उत्तराखंड के विकास रोडमैप को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।”


