सीएम के निर्देश, डॉ. राजेश की मॉनिटरिंग — हरिद्वार में तेजी पकड़ेगा पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट….

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हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित 21 किलोमीटर लंबे पॉड टैक्सी (मेट्रो पीआरटी) प्रोजेक्ट को लेकर सरकार ने रफ्तार तेज कर दी है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने हरिद्वार पहुंचकर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप काम में तेजी लाने के सख्त आदेश दिए।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार पिछले कुछ समय से विभिन्न सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली की खासियत यह मानी जाती है कि वे फाइलों के बजाय धरातल पर जाकर प्रगति की वास्तविक स्थिति को परखते हैं। यही वजह है कि सरकार की महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं की जिम्मेदारी अक्सर उन्हें सौंपी जाती रही है। हरिद्वार में पॉड टैक्सी परियोजना का निरीक्षण भी इसी क्रम का हिस्सा है। निरीक्षण की शुरुआत भारत माता मंदिर क्षेत्र से हुई, जहां से प्रस्तावित रूट शांतिकुंज, मोतीचूर, खड़खड़ी भीमगोड़ा, ललतारों ब्रिज, वाल्मीकि चौक, मनसा देवी रोपवे गेट, अपर रोड, हर की पौड़ी, ऋषिकुल और सीतापुर तक गया। सचिव ने पूरे रूट का जायजा लेते हुए स्टेशन निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, डिपो, इंटीग्रेटेड रोपवे और लोअर टर्मिनल से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना का कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू हो सके।
परियोजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से किया जाना है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की कुल लंबाई 20.74 किलोमीटर होगी और इसके तहत 21 स्टेशन बनाए जाएंगे। कुल 4.87 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसमें निजी भूमि के साथ रेलवे की भूमि भी शामिल है।
यह पॉड टैक्सी सिस्टम पूरी तरह से ऑन-डिमांड, चालक-रहित और स्वचालित इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही यह पर्यावरण के अनुकूल प्रणाली होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और हरिद्वार को एक आधुनिक, स्मार्ट और सतत परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
हरिद्वार, जहां सालभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है, वहां ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना रहता है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा और पर्व-त्योहारों के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट को शहर के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि परियोजना को अनावश्यक देरी से बचाते हुए शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय समन्वय मजबूत रखा जाए और सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूरी की जाएं।
अब देखना यह होगा कि महत्वाकांक्षी पॉड टैक्सी परियोजना कितनी तेजी से धरातल पर उतरती है और हरिद्वार को आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में कितना आगे ले जाती है। यदि तय समय पर काम शुरू हो जाता है, तो यह उत्तराखंड के शहरी विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।