उत्तराखंड में घरेलू गैस की किल्लत की खबरों पर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा बयान, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एलपीजी और ईंधन आपूर्ति को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की है। उत्तराखंड में व्यावसायिक यानी कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 11 मार्च तक राज्य की कई गैस एजेंसियों में कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक लगभग खत्म हो गया था, जिससे कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।

मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य में गैस आपूर्ति को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर दी गई हैं और किसी तरह की अफरातफरी की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मुख्य सचिव को भी निर्देश दिए गए हैं कि गैस आपूर्ति व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह केवल एक राज्य की नहीं बल्कि वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी स्थिति है, लेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा रहा है, इसलिए उत्तराखंड में भी हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

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अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरों पर नकेल

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस आपूर्ति की लगातार निगरानी करने के आदेश दिए हैं। अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिलों में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है ताकि गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और ‘डायवर्जन’ (घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग) पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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उन्होंने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में शासन अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्राकृतिक गैस और घरेलू पीएनजी का वितरण समान रूप से हो और व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस के अवैध उपयोग को पूरी तरह रोका जा सके।

तहसील स्तर पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ का गठन

गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में ‘क्विक रिस्पांस टीम’ गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह टीम विशेष रूप से कालाबाजारी और अवैध स्टॉकिंग की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। बैठक में इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि राज्य के पास पर्याप्त गैस भंडार मौजूद है, इसलिए किसी भी प्रकार की पैनिक बुकिंग की आवश्यकता नहीं है।

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अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता

सरकार ने निर्णय लिया है कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। इसके विपरीत, होटलों, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति को फिलहाल सीमित और नियंत्रित रखा जाएगा। आपदा कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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