उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शुक्रवार को IIT रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यशाला को वर्चुअल संबोधित किया। इस दौरान आपदा-पूर्व तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और सामुदायिक सहभागिता पर चर्चाएं और मंथन हुआ। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वैज्ञानिक सोच और तकनीक से कम होगा आपदाओं के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है। वहीं राज्य सरकार भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि और वनाग्नि से होने वाली क्षति को कम करने के लिए विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4P मंत्र पर काम कर रही है, एआई आधारित चेतावनी सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान आईआईटी रुड़की के भूकंप पूर्व चेतावनी सिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग पर मिलकर काम हो रहा है। वहीं मुख्यमंत्री धामी ने आपदा-लचीलापन को विकसित भारत की 2047 की आधारशिला बताया और कहा कि भविष्य में आपदाओं के खतरे को कम करने में वैज्ञानिकों,एनडीआरएफ-एसडीआरएफ और शोध संस्थानों की व्यापक भागीदारी है।



