चारधाम यात्रा 2026: रोज 40 हेली उड़ानों का कोटा, ट्रैकिंग-सुरक्षा नियम सख्त

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चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार और नागरिक उड्डयन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। दिल्ली में डीजीसीए (DGCA) और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस बार प्रतिदिन अधिकतम 40 चार्टर्ड उड़ानों का कोटा रहेगा। इस बैठक में तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी गहन समीक्षा की गई ताकि यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

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सुरक्षा के लिए ट्रैकिंग डिवाइस और कैमरे अनिवार्य

हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने इस बार बेहद कड़े कदम उठाए हैं। अब सभी हेलीकॉप्टरों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। इसके अलावा, हेलीपैड्स की निगरानी के लिए पीटीजेड (PTZ) सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे। केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर भी संचालित किए जाएंगे ताकि हवाई यातायात को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

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हेली ऑपरेटरों के लिए सख्त निर्देश

बैठक के दौरान हेली ऑपरेटरों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे दो उड़ानों के बीच उचित अंतराल रखें और भार प्रबंधन (Weight Management) का पूरा ध्यान दें। यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि खराब मौसम या अनिश्चित परिस्थितियों के दौरान ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी, यानी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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उड़ानों की संख्या पर भविष्य में विचार

कुछ हेली ऑपरेटरों द्वारा चार्टर्ड उड़ानों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन फिलहाल इसे 40 तक ही सीमित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के शुरुआती चरण के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करने के बाद ही भविष्य में उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

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