आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रूप से BS-6 (बीएस-6) मॉडल की बसों का संचालन किया जाएगा। शनिवार को निगम मुख्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस बार यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बसों की सेवा दी जाएगी, ताकि पहाड़ी रास्तों पर उनका सफर आरामदायक रहे।
50 बसों का होगा विशेष बेड़ा
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, पूरी चारधाम यात्रा के दौरान कुल 50 बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न डिपो से बसें जुटाई जा रही हैं। जिन डिपो में बसों की संख्या अधिक है, वहां से अतिरिक्त गाड़ियां मंगवाकर यात्रा मार्ग पर तैनात की जाएंगी ताकि यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
श्रीनगर डिपो की विशेष भूमिका
वर्तमान में श्रीनगर डिपो के पास कुल 13 बसें उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 बसें आधुनिक बीएस-6 मॉडल की हैं। बैठक में यह तय किया गया है कि इनमें से 4 बीएस-6 बसों को सीधे चारधाम यात्रा के रूट पर लगाया जाएगा। प्रदूषण कम करने और बेहतर माइलेज के उद्देश्य से मुख्य रूप से नए मॉडल की गाड़ियों के उपयोग पर ही जोर दिया जा रहा है।
सुविधाजनक यात्रा के लिए सख्त निर्देश
महाप्रबंधक रीना जोशी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी डिपो प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा सीजन के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यवहारिक दिक्कत का सामना न करना पड़े। बसों की फिटनेस और चालकों के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है।

