उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक यात्रा के लिए 10 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कर लिया है, जिसमें सबसे ज्यादा करीब 3.41 लाख श्रद्धालु केदारनाथ धाम के लिए हैं। सरकार ने इस बार यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है, जिससे व्यवस्था बेहतर और सुरक्षित बनाई जा सके। यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी, जिसमें गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलेंगे, जबकि केदारनाथ 22 अप्रैल और बद्रीनाथ 23 अप्रैल को खुलेंगे। प्रशासन द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा दी जा रही है और यात्रा को सुचारू बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पंजीकरण का आंकड़ा और धामवार संख्या
चारधाम यात्रा के लिए कुल पंजीकरण 10 लाख पार हो चुका है। इसमें केदारनाथ के लिए सबसे अधिक 3,41,595, बद्रीनाथ के लिए 3,00,329, गंगोत्री के लिए 1,86,875, यमुनोत्री के लिए 1,82,328 और हेमकुंड साहिब के लिए 5,288 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे साफ है कि इस साल भी यात्रा में भारी भीड़ रहने वाली है।
यात्रा की शुरुआत और कपाट खुलने की तिथियां
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी।
सरकार की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। ऑनलाइन पंजीकरण पहले से जारी है, जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण भी शुरू होगा। बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसके लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
परंपरा और पुजारियों के संरक्षण पर जोर
बद्री-केदार मंदिर समिति द्वारा परंपराओं और पुजारियों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। समिति का कहना है कि मंदिरों की परंपरा और पुजारियों की भूमिका को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है, ताकि धार्मिक आस्था और व्यवस्थाएं दोनों संतुलित बनी रहे

