उत्तराखंड में जैसे-जैसे 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे चुनावी शोर और भी गहराता जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ने भी अपनी कमर कस ली है। इस बार भाजपा चुनाव से पहले कांग्रेस समेत अन्य दलों में बड़ी सेंधमारी की तैयारी में है। इस कड़ी में भाजपा ने वर्तमान सरकार के चार साल पूरे होने पर आगामी 22 मार्च को श्रीनगर गढ़वाल से एक रैली की शुरुआत की है, यह कोई आम रैली नहीं बल्कि 2027 के चुनावी रण में भाजपा की प्रचंड जीत का बिगुल बजाने वाली रैली होगी। इसके बाद हल्द्वानी, देहरादून समेत अन्य स्थानों में विभिन्न दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करने के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
उत्तराखंड में साल 2014 से भाजपा अजेय बनी हुई है, इसमें कोई शक नहीं है कि सभी प्रकार के चुनावी रण में अगर भाजपा ने विपक्ष को चारों खाने चित किया है तो इसके पीछे पार्टी के ग्राम स्तर तके फैले मजबूत सांगठनिक ढांचे की अहम भूमिका है और इसका ताजा उदाहरण राज्य में भाजपा की लाख की सदस्य संख्या है। भाजपा लगातार विपक्ष समेत अन्य दलों के नेता और कार्यकर्ताओं को पार्टी में जोड़कर अपना कुनबा भी बढ़ा रही है, बीते लोकसभा चुनाव के दौरान ऐसे 20 हजार से अधिक लोग भाजपा में शामिल हुए। चूंकि आगामी विधानसभा चुनाव में खासा कम समय बचा है लिहाजा भाजपा लगातार तीसरी बार अपनी प्रचंड जीत के लिए ताने बुनने में लगी है। यही कारण भी है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने अन्य दलों व संगठनों के लिए दरवाजे फिर से खोले हैं। दो माह की अवधि के दौरान ही एक हजार से अधिक लोग भाजपा का दामन थाम चुके हैँ। इनमें विभिन्न दलों, संगठनों, संस्थाओं, पंचायत व निकाय प्रतिनिधियों समेत सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
भाजपा की श्रीनगर रैली से विपक्ष को लगेगा जोरदार झटका
चुनाव से ठीक पहले भाजपा उत्तराखंड में विपक्षी दलों को बड़ा झटका देने की तैयारी में जुट गई है, जहां 22 मार्च को श्रीनगर रैली में विभिन्न पार्टियों और संगठनों के बड़ी संख्या में नेताओं-कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 25 मार्च को हल्द्वानी और 27 मार्च को देहरादून में भी इसी तरह के भव्य आयोजन होंगे, जबकि अन्य जगहों पर भी सेंधमारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक गतिविधियों में तेजी से गर्माहट आने के आसार हैं।


