उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के बुनियादी ढांचे और जन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कुल 53.56 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा राजधानी देहरादून की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘सिटी मोबिलिटी योजना’ को दिया गया है। इसके अलावा, राज्य कर विभाग में आधुनिक तकनीक लाने, आपदा प्रभावितों की सहायता करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व सड़क सुविधाओं के विस्तार के लिए भी अलग-अलग बजट आवंटित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य इन विकास कार्यों के माध्यम से राज्य के हर क्षेत्र तक आधुनिक सुविधाएं पहुँचाना है।
देहरादून के लिए सिटी मोबिलिटी योजना
मुख्यमंत्री ने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संचालित ‘सिटी मोबिलिटी योजना’ के कार्यों हेतु 33.45 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस योजना से शहर में जाम की समस्या से राहत मिलने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
डिजिटल फॉरेंसिक लैब की स्थापना
राज्य कर विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए डिजिटल फॉरेंसिक लेबोरेटरी स्थापित की जाएगी। इसके लिए नेशनल फॉरेंसिक्स साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर (गुजरात) के माध्यम से पांच वर्षों तक किए जाने वाले कार्यों हेतु 11.27 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता
चमोली जिले में प्राकृतिक आपदा के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए 85 आवासीय भवनों और 17 मृतक व्यक्तियों के आश्रितों को राहत पहुँचाने के लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह धनराशि आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में मदद करेगी।
ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा
राज्य के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:
- चम्पावत: यहां के 74 छूटे हुए गांवों (तोकों) में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- सड़क और बिजली: चमोली के ग्राम पंचायत हौली पिपलाटी में सीसी सड़क निर्माण के लिए 60.20 लाख, अल्मोड़ा में बिजली के खंभे लगाने के लिए 46.01 लाख और साल्ट क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए 41.07 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
- प्रतिमा स्थापना: झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए 37.12 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख
विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सख्त संकेत दिए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आरोपी सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक किशन चंद के खिलाफ अभियोजन (कानूनी कार्रवाई) चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

