सिस्टम की हिलाहवली के चलते आबकारी विभाग का राजस्व टारगेट बना बड़ी चुनौती,

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देहरादून। पहले आबकारी पॉलिसी पास होने में ही इतनी जद्दोजहद हुई और अब दुकानों के आवंटन को लेकर भी विभाग के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। 31 मार्च से पहले दुकानों का आवंटन होना बेहद जरूरी है अन्यथा की स्थिति में सरकार को राजस्व का घाटा झेलना पड़ सकता है दरअसल चुनाव आचार संहिता लगने के बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग तक पहुंच गई है इसके बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि जल्द से जल्द अनुमति मिलने के बाद दुकानों का आवंटन हो सकेगा लेकिन अब तक हरी झंडी नहीं मिल सकी है जिसके चलते दुकानों के आवंटन का मामला भी खटाई में पढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जबकि 65 प्रतिशत से ज्यादा दुकानों को रिन्युवल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

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