गैरसैंण विधानसभा में चल रहे बजट सत्र में कई संजीदा सवाल उठे। एक सवाल उठा बिजली के बिल को लेकर. माननीय विधायक ने कहा बिजली का बिल तो कम है, लेकिन सरचार्ज ज्यादा है। जी हां हरिद्वार जिले के लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद ने बिजली जैसी जरूरी सहूलियत पर सरकार से नजरेइनायत करने की गुहार लगाई। मोहम्मद शहजाद ने अपने अंदाज में कहा, “रात को छापे पड़ रहे गांव देहात में, दो-दो गाड़ी पीएसी जा री, बिजली वालों के साथ में कनेक्शन काटने को”. शहजाद ने कहा, “लगता यूं है कि सरकार बिजली के कनेक्शन काटने की योजना चला री”…
लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद ने सरकार से बिजली के बिल में सरचार्ज खत्म करने की गुजारिश की, ताकि गरीब-गुरबों का भला हो सके और वे बिजली के बिल को आसानी से जमा कर सकें। मोहमद शहजाद ने कहा जितनी बिजली 50 गांव में जलती है उतनी बिजली की चोरी फैक्ट्रीवाले एक दिन में कर देते हैं, लेकिन उन्हें पूछने वाला कोई नही और गरीब के कनेक्शन काटने को बिजली विभाग दल बल के साथ आ धमकता है।
सिपाही का खाना भत्ता 30 रूपए और कैदी डकारे 50 रूपए का। जी हां आपको यकीन होगा कि नहीं लेकिन उत्तराखंड में पुलिस के लिए यही नियम कायदा है. उसका भोजन भत्ता तीस रुपए है जबकि जेल के अंदर आराम फरमा रहे कैदी का भोजन भत्ता पचास रूपए है। ये बात गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान उठी. विपक्ष के विधायक भुवन कापड़ी और काजी निजामुद्दीन ने पुलिस जवानो की बात बेहद संजीदा तरीके से सदन में रखी. कापड़ी ने जहां सरकार से 2021 में बनी कमेटी की रिपोर्ट के बारे पूछा, वहीं काजी निजामुद्दीन ने बेहद भावुक अंदाज में पुलिस के जवानों की पैरोकारी की। निजामुद्दीन ने कोविड से लेकर सत्र के बाहर मुस्तैद जवानों की दिक्कतों की ओर सरकार का ध्यान दिलाया. उम्मीद जताई कि सरकार ड्यूटी पर मुस्तैद जवानो के बारे में कुछ सोचेगी।

