डीआईजी कुमाऊं भरणे की एक और शानदार पहल…पुलिस ने क्यूआर कोड के माध्यम से लोगों को सुविधा पहुंचाने की बनाई योजना….

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नैनीताल, आम तौर पर किसी भी तरह का वाहन सुविधाओं के साथ साथ परेशानी भी देता है। शत प्रतिशत दुर्घटनाओं को रोक पाना संभव नहीं है। लेकिन अब डरने की कोई बात नहीं है। कुमाऊं पुलिस ने वाहन से जुड़ी हर परेशानी का हल खोज लिया है। नैनीताल पुलिस को क्यूआर स्कैनर के रूप में एक नया साथी मिल गया है। जिसके माध्यम से वाहन मालिक के बारे में सभी जानकारी तो मिलेगी ही साथ ही दुर्घटना होने पर पुलिस तथा परिजनों को भी सूचना मिल जाएगी।बता दें कि पुलिस ने एक नया प्रयास शुरू किया है। जिसका शुभारंभ शनिवार को डीआइजी निलेश आनंद भरणे द्वारा किया गया। इस पहल में हर किसी से अपने वाहन में एक क्यूआर स्कैनर वाले स्टीकर को लगाने की अपील की जा रही है। “मिल जाएगा” नामक एक कंपनी के साथ जुड़कर नैनीताल पुलिस ने ये पहल शुरू की है। जानकारी के मुताबिक इस स्टीकर को आपको बस अपने वाहन में लगाना है। आपको खुद इसमें रजिस्टर भी करना होगा। जिसमें आपको ब्लड ग्रुप व अन्य जानकारी डालनी होंगी। फिर अगर इसे कोई कैमरे या पेटीएम आदि से स्कैन करते ही वाहन मालिक की सारी जानकारी जैसे ब्लड ग्रुप आदि मोबाइल में आ जाएगा। गौरतलब है कि स्टीकर को स्कैन करने पर आप वाहन मालिक को फोन कॉल भी कर सकते हैं। हालांकि ये कॉल सर्वर के माध्यम से की जाएगी। अगर आप स्कैनर के माध्यम से वाहन मालिक को फोन करेंगे तो आपके मोबाइल में उनका नंबर नहीं आएगा। ताकि किसी की निजता प्रभावित ना हो, इसलिए ऐसा किया गया है। उल्लेखनीय है कि दुर्घटना होने पर कोई भी व्यक्ति स्टीकर को स्कैन कर जानकारी निकाल सकता है तथा पुलिस व परिजनों तक सूचना पहुंच सकती है। इसके अलावा पार्किंग में अगर कोई गाड़ी गलत खड़ी है तो आप उसके मालिक से बात कर सकते हैं।कुमाऊं डीआइजी निलेश आनंद भरणे ने इस पहल को कारगर बताया है। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इससे किसी की प्राइवेसी पर असर नहीं पड़ता। कहा कि हम ट्राफिक व्यवस्था के लिए नए नए प्रयास कर रहे हैं। ये प्रयास इस दिशा में कारगर साबित होगा। बता दें कि नैनीताल पुलिस द्वारा जगह जगह बोर्ड व होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। ताकि लोगों को जागरुक किया जा सके। पुलिस के मुताबिक इस स्कैनर के निम्नलिखित फायदे हैं।

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