उत्तराखंड में ABHA ID को बढ़ावा, सुबोध उनियाल बोले- इलाज होगा और सरल

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उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान बताया कि ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल रहा है। उन्होंने जनता से अपनी ‘आभा आईडी’ बनवाने की अपील की है, ताकि चिकित्सा सेवाओं का लाभ अधिक सुगम और सरल तरीके से उठाया जा सके। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ना भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है, जिससे मरीजों के इलाज का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह सुरक्षित रहेगा और उन्हें कहीं भी इलाज कराने में आसानी होगी।

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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन: स्वास्थ्य सेवाओं का आधार

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, यह मिशन एक डिजिटल हेल्थ क्रांति की तरह है। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड का एकीकरण होने से डॉक्टरों को मरीज की पुरानी बीमारी और दवाओं के बारे में तुरंत जानकारी मिल सकेगी। इससे न केवल इलाज में तेजी आएगी, बल्कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी सुनिश्चित होगी। सरकार सभी विभागों और तकनीकी साझेदारों के बीच बेहतर समन्वय बना रही है ताकि इस मिशन का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे।

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आभा आईडी और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन में प्रगति

राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी ने कार्यशाला में जानकारी दी कि प्रदेश में आभा आईडी बनाने और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन के कार्य में तेजी से प्रगति हो रही है। डिजिटल हेल्थ सर्विसेज के माध्यम से अब मरीजों को पर्चियां और पुरानी रिपोर्ट संभालने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। इस नई व्यवस्था से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में डेटा मैनेजमेंट बेहतर होगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।